क्या आपके खाने में ‘सर्फ’ है?
मिड-डे मील…अरे वहीं मिड-डे मील… जिसकी चर्चा अक्सर होती ही रहती है…और हो भी क्यों ना…भई कभी सब्जी में सब्जी कम और पानी ज्यादा…कभी दाल में दाल कम और पानी ज्यादा…कभी खाने में जला हुआ चावल..कभी बदबूदार खाना और कभी इसी मिड-डे मील में बिलबिलाते हुए कीड़े…देखा कितनी वैराइटी है, तो चर्चा क्यों ना हो।
वैसे अक्सर लाइमलाइट में रहने वाला ये मिड-डे मील (Mid Day Meal) एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार खाने में नई वैराइटी है…जी हां खाने में नमक के बदले सर्फ डाला गया और बेचारे 33 बच्चे अस्पताल में भर्ती हो गए। मामला बिहार के नालंदा (Nalanda) के नूरसराय थाना क्षेत्र परसारी मिडिल स्कूल का है। यहां स्कूल में मिलने वाले मिड-डे मील में नमक के बदले सर्फ यानी डिटर्जेंट पाउडर डालकर बच्चों को खाना परोसा गया। जिसके बाद बच्चों को उल्टी..और चक्कर जैसी परेशानी हुई। बच्चों की बिगड़ती तबीयत को देख आनन-फानन में स्कूल प्रशासन ने ग्रामीणों की मदद से ऑटो के जरिए बच्चों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां सुविधा नहीं होने की वजह से बच्चों को बिहारशरीफ सदर अस्पताल ले जाने को कहा गया।
अस्पताल पहुंचे बच्चों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया और अब सबकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं घटना के बाद बच्चों के माता-पिता ने स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस मामले में स्कूल के प्राचार्य शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि स्कूल का मिड डे मील एक NGO से आता है। मंगलवार को मेन्यू के मुताबिक बच्चों को सोयाबीन-चावल परोसा गया। कुछ बच्चे खाना खा चुके थे। जब दूसरी पंक्ति में बच्चे खाना खाने बैठे तो खाने में नमक कम होने की बात कही। रसोईघर में नमक और सर्फ का डिब्बा एक ही जगह रखे होने की वजह से रसोइया ने गलती से खाने में नमक के बदले सर्फ डाल कर खाना परोस दिया। जहां स्कूल के प्राचार्य ने गलती मान ली है वहीं DEO यानी जिला शिक्षा पदाधिकारी ने खाने में सर्फ की बात को सिरे से नकार दिया।
अब क्या ही कहें… खैर देखते रहिए वायरल न्यूज…
Author: Priya Verma



