Jamui कांड का मुख्य आरोपी Nandan Yadav पुलिस एंकाउंटर में घायल, लोगों ने कहा ‘फेक एंकाउंटर’
बिहार (Bihar) के जमुई (Jamui) कांड का मुख्य आरोपी नंदन यादव (Nandan Yadav) अब पुलिस के कब्जे में है। पुलिस का दावा है कि एंकाउंटर के दौरान नंदन यादव घायल हो गया। हालांकि पुलिस के कब्जे में नजर आ रहे लड़के का चेहरा नजर ना आने की वजह से लोग इसे ‘फेक एंकाउंटर’ मान रहे हैं। लोगों का आरोप है कि पुलिस मुख्य आरोपी को बचा रही है।
बिहार पुलिस ने 19 सितंबर की इस घटना का संज्ञान लेते हुए 21 सितंबर को तीन आरोपियों को हिरासत में लिया था लेकिन इस मामले का मुख्य आरोपी नंदन यादव, जिसने घटना के दौरान चेहरे पर गमछा लपेटा था वो फरार था। पुलिस का दावा है कि 22 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि एंकाउंटर के दौरान मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लग गई और उसे अब इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।

नंदन यादव को पकड़कर ले जाने के दौरान के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। सामने आए वीडियो में नंदन यादव को दो पुलिस वाले सहारा देकर ले जाते नजर आ रहे हैं। नंदन ने भगवा रंग का गमछा पहना है और सिर झुका कर चलता नजर आ रहा है। इस वीडियो में उसका चेहरा जहा भी नहीं दिख रहा है। इस बात को लेकर अब सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। लोगों का कहना है कि पुलिस द्वारा किया गया ये एक फेक एंकाउंटर है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नजर आ रहे युवक का चेहरा लगभग वैसे ही गमछे से ढका गया है जैसा घटना के दौरान युवक ने पहना था। वहीं इस वीडियो में जब भी युवक अपना चेहरा ऊपर करने की कोशिश करता दिखाई देता है तब उसे पुलिस की ओर से इशारा होता नजर आ रहा है। यही वजह है कि लोग पुलिस के दावों पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों ने कमेंट कर कहा, फेक न्यूज, फेक एनकाउंटर। वहीं एक इंस्टा यूजर ने लिखा, ये एनकाउंटर नहीं है ये उसे बचाने के लिए है। एक अन्य ने लिखा, इसका चेहरा क्यों नहीं दिख रहा। एक ने लिखा, मैं नहीं मानता, शूट के बाद भी चेहरा नहीं दिखाया। वीडियो में लड़की का चेहरा था ना तो इसमें भी लड़के का चेहरा दिखाना चाहिए। ऐसे तो किसी को भी बना सकते हैं।
बता दें 19 सितंबर को एक नाबालिग लड़के और लड़की को कोचिंग से लौटने के दौरान कुछ मनचले लड़कों ने रोकर कर प्रताड़ित किया और लड़की के साथ छेड़छाड़ की। उन गुंड़ों में मौजूद नकाबपोश बदमाश ने लड़की के शरीर को गलत तरीके से ना सिर्फ छुआ बल्कि उसे स्कूटी से उठाकर सड़क पर दौड़ता भी नजर आया। दसवीं कक्षा के बच्चों के साथ हुई इस अमानवीय हरकत की पूरे देश में कड़ी निंदा हो रही है। वहीं मामला गर्माने के बाद पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी के एंकाउंटर का दावा किया जा रहा है, जिसे जनता फेक एंकाउंटर बता रही है।



