Gen Z पर Kangana Ranaut ने निकाली भड़ास, बोलीं ‘छी इन्हें कौन पैदा कर रहा है’
Kangana Ranaut attacks on Gen Z
बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) एक बार फिर खबरों में आ गई हैं। उन्होंने हाल ही में दिल्ली (Delhi) के जंतर मंतर पर हुए Gen Z प्रोटेस्ट पर अपनी भड़ास निकाली। कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारी बच्चों की शक्ल सूरत के साथ-साथ उनके मां-बाप पर भी निशाना साधा। कंगना ने कहा कि ‘छी इन्हें कौन पैदा कर रहा है’।
भाजपा नेता कंगना रनौत अपने ऊट पटांग स्टेटमेंट्स के लिए ही जानी और पहचानी जाती रही हैं। उन्होंने हाल ही में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर अपनी बात रखी। कंगना ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के खिलाफ आग उगली। इतना ही नहीं कंगना ने प्रदर्शन कर रही लड़कियों को भद्दा और बदसूरत बताया। कंगना रनौत ने बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता पर भी निशाना साधा।
कंगना ने लिखा, ‘सबसे चौंकाने वाला व्यवहार युवा हिंदू महिलाओं का है, जो उस आजादी को कमाए बिना स्वतंत्र करियर वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं। सच में स्वतंत्र महिलाएं बागी फैसले लेती हैं और बेबाक राय रखती हैं। वे लीक से हटकर करियर चुनती हैं और अपने कामों की जिम्मेदारी खुद लेती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर होती हैं। वे ऐसा अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं।’
कंगना रनौत ने लड़कियों पर भद्दे कमेंट करते हए लिखा, ‘यहां पश्चिमी रंग में रंगी भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी है। मैं उन्हें ‘जेनरेशन गटर’ कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन वे इतनी बदसूरत और भ्रष्ट हैं कि वे अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं। फिर भी वे गर्व से ड्रग्स लेने, शराब पीने या बॉडी काउंट की अपनी आजादी का दिखावा करती हैं। असल में बिना स्वतंत्र हुए स्वतंत्र जिंदगी जीने के लिए लगातार लड़ते हुए बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर जीती हैं।’
इसके आगे कंगना ने लिखा, ‘स्वतंत्र जिंदगी कमानी पड़ती है’ और ‘अगर आप बिना जिम्मेदारी के स्वतंत्र रूप से जीने की कोशिश करते हैं, तो आप बस एक बिगड़े हुए इंसान हैं। गटर छाप।’ कंगना ने माता-पिता पर निशाना साधते हुए लिखा, ‘छी, उन्हें कौन पैदा कर रहा है और पाल-पोस रहा है? भारत अलग-अलग तरह के खूबसूरत लोगों की जगह है, जो शालीनता से सजे हैं और सांस्कृतिक समझ से जुड़े हैं। आप खुद को कॉकरोच कहते हैं और उन्हीं की तरह दिखते और व्यवहार करते हैं। इसमें कोई विरोधाभास या तुलना नहीं है, बस दुनिया को अपनी गंदगी, कचरे और बदसूरती का सामना करवाना है। मैं इन रील्स से परेशान हो गई हूं, मुझे ठीक होने के लिए डिजिटल डिटॉक्स की जरूरत है।’
बता दें NEET पेपर लीक के बाद 21 बच्चों ने आत्महत्या कर अपनी जान ले ली थी। इसके बाद सीजेपी (CJP) ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए लेकिन सरकार की ओर से कोई उचित जवाब नहीं मिला जिसके बाद जंतर मंतर पर सीजेपी द्वारा करीब डेढ़ महीने तक प्रोटेस्ट किया गया। इस कड़ी में सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भी बच्चों का साथ देते हुए जंतर मंतर पर अनशन किया, उन्हें 21 वें दिन जबरन पुलिस द्वारा स्टेज से उठाकर अस्पताल भर्ती किया गया था। इस घटना के बाद ही सीजेपी ने 20 जुलाई को देशभर के बच्चों से आह्वान किया और संसद मार्च करने की अपील की। 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने बच्चों को रोकने के लिए बर्बरातपूर्ण लाठीचार्ज किया जिसके बाद ये प्रोटेस्ट देशभर में शुरू हो गया। 25 जुलाई को सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा और धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया।




