PM हाउस के बाद संसद के बाहर Rahul Gandhi का विरोध प्रदर्शन, काले कपड़ों में विपक्ष ने जताया विरोध
Rahul Gandhi, opposition wear black in Parliament day after PM residence protest
विपक्षी दलों ने सत्ताधारी सरकार के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। जहां मंगलवार को राहुल गांधी (Rahul Gandhi) समते कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। वहीं बुधवार को अपना विरोध जताने के लिए कांग्रेस के नेता काले कपड़ों में संसद के बाहर विरोध जताते नजर आए। उनके साथ अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) समेत समाजवादी पार्टी के कई नेता भी इस विरोध में नजर आए।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खडगे समेत अन्य नेता आज संसद भवन काले कपड़े पहन कर पहुंचे। ये उनका विरोध जताने का अपना तरीका था। वहीं अखिलेश यादव समेत समाजवादी पार्टी के अन्य नेता भी इस विरोध में अपना साथ देते नजर आए। सबने सरकार का एक सुर में विरोध किया और बच्चों के साथ हुई बर्बरता की निंदा की। इस दौरान प्रियंका गांधी ने देश के बड़े मीडिया हाउस से बात करते हुए उनके काम पर भी तंज कसा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने धरमेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की।
इससे पहले मंगलवार देर शाम राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे के घर जाने के बहाने पीएम आवास के बाहर पहुंचे और वहां धरना देते देखे गए। कांग्रेस का ये कदम ऐसा था जिसका अंदाजा ना सत्तापक्ष को था नहीं मीडिया को। कुछ ही देर बाद कांग्रेस द्वारा समाजवादी पार्टी को भी वहां पहुंचने का बुलावा भेजा गया, जिसके बाद अखिलेश यादव, प्रिया सरोज समेत कई अन्य नेताओं पीएम हाउस के बाहर धरने में शामिल हुए। कांग्रेस और सपा के प्रदर्शन को देख सुरक्षाबल ने उनका घेराव करना शुरू कर दिया और कुछ घंटे प्रदर्शन करने के बाद पुलिस द्वारा राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यावद, दीपेंद्र हुड्डा को डिटेन कर लिया गया। इन सभी नेताओं को कुछ घंटे के बाद पुलिस ने रिहा किया।
देशभर में सरकार के खिलाफ लोगों की आवाज लगातार तेज होती दिख रही है। जहां बच्चे नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर सरकार और शिक्षा मंत्री धरमेंद्र प्रधान के खिलाफ अपनी आवाज लगातार उठा रहे हैं। बच्चे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) की अगुवाई में दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले डेढ़ महीने से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं 20 जुलाई को संसद चलो मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने जिस तरह बच्चों पर जबरन लाठीचार्ज किया, उसे देखते हुए अब जनता का दिल्ली पुलिस और भारत सरकार से भरोसा लगातार उठता दिख रहा है। यही वजह है कि ये आंदोलन अब और तेज हो गया है।



