Dharmendra Pradhan ने दिया इस्तीफा, CJP में खुशी की लहर
CJP Celebrates Dharmendra Pradhan's Resignation
देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने एक लंबे ड्रामे के बाद आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की मांग पिछले करीब डेढ़ महीने से युवा कर रहे थे। दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे सीजेपी के प्रोटेस्ट के फलस्वरूप आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा। इस खबर के सामने आते ही CJP और प्रदर्शन कर रहे युवाओं में खुशी की जोरदार लहर सी दौड़ती देखी गई। वहीं सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने इसे संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि ये सरकार कहती थी कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते हमने कर दिखाया।

दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले डेढ़ महीने से प्रोटेस्ट कर रही सीजेपी के समर्थन में पूरे देश में प्रदर्शन देखे गए। इसी प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस और आरएएफ द्वारा किए गए दर्दनाक एक्शन के बाद ये प्रदर्शन और भी तेज होता दिखाई दिया। वहीं सीजेपी अपनी मांगों पर लगातार अड़ी रही। यही वजह है कि सरकार को झुकना पड़ा और धर्मंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ गया। इस इस्तीफे के बाद युवाओं में जोश देखने को मिल रहा है। उनके लंबे संघर्ष के बाद मिली कामयाबी को वो जमकर सेलिब्रेट कर रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफाः बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की करें तो उन्होंने 25 जुलाई को करीब 3 बजे अपना इस्तीफा दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे में कहा कि वो पिछले 10 दिनों की घटनाओं से बेहद व्यथित हैं। उन्होंने आगे कहा कि ये उनके व्यक्तिगत सम्मान का विषय नहीं है ये देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। उन्होंने इस्तीफे में ये भी कहा है कि वो नहीं चाहते हैं कि देश का युवा कानूनी विवादों और राजनीतिक टकराव में उलझकर अपनी पढ़ाई से भटके। इसी भावना के साथ मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं।
अभिजीत दीपके का रिएक्शन: वहीं इस्तीफे की खबर जब जंतर मंतर के स्टेज पर बैठे अभिजीत दीपके को मिली तब वो बेहद एक्साइटेड दिखे। उन्होंने फोन रखते ही तुरंत माइक हाथ में लिया और सीजेपी समर्थकों और युवाओं को ये संदेश दिया। दीपके ने कहा हमने कर दिखाया। ये सरकार कहती थी कि हमारी सरकार में इस्तीफे नहीं होते और हम कहना चाहते हैं झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए।
दीपके ने इस जीत को NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या कर जान गंवाने वाले बच्चों के नाम की। दीपके ने स्टेज पर जान गंवाने वाले बच्चों का पोस्टर लेकर सभी का एक-एक कर नाम लिया और ये जीत उन्हें समर्पित की।



